भाइयो और बहनों जय मसीह की
मै इवेन्जलिस्ट राकेश लाल यीशु मसीह कर कार्यों एवं यीशु के चेलों के कार्यों और प्रेरित पौलुस के द्वारा लिखे गए वचन पर पवित्र आत्मा की अगुवाई में कुछ प्रकाश डालना चाहता हूं
सोचिये
1 यदि यीशु मसीह ने सिर्फ चंगाई की होती सिर्फ भविष्यवाणी की होती सिर्फ मुर्दे जिंदा किये होते सिर्फ आश्चर्यकर्म किये होते और सुसमाचार न सुनाया होता तो क्या होता ?
2 यदि चेलों ने सिर्फ चंगाईयां की होती या भविष्यवाणीयां की होती सिर्फ परछाई से कपड़े छुला कर बीमारों को चंगा किया होता और सुसमाचार न सुनाया होता तो क्या होता?
सोचने वाली दूसरी बात
बाइबल के अंदर किस ने सिर्फ भविष्यवाणी की या सिर्फ चंगाई की और सुसमाचार न सुनाया हो ?
जरा ध्यान से पढ़ें और सोचे
1 यीशु मसीह ने सब से पहले सुसमाचार सुनाया और उसके बाद लोगों की बीमारी और दुर्बलताओ को दूर किया किया मत्ती 4:17,23
2 पतरस और अन्य प्रेरित जब पवित्र आत्मा से भर गये तो सब से पहले सुसमाचार सुनाया प्रेरितों के काम 2:14 से 36 /
फिर 3000 लोगो को बचाया प्रेरित 2:37 से 42 –
फिर उसके बाद प्रेरित 2:43 अदभुत काम और चिन्ह प्रेरितों के द्वारा होते थे यीशु से भी बड़े बड़े काम किये यहुन्ना 14:12 में यीशु के द्वारा कहे गये वचन के अनुसार
3 प्रेरित पौलुस
“पौलुस की ओर से जो यीशु मसीह का दास है, और प्रेरित होने के लिये बुलाया गया, और परमेश्वर के उस सुसमाचार के लिये अलग किया गया है।” रोमियों 1:1
यीशु मसीह ने पहले प्रचार फिर चंगाई, छुटकारा करने की आज्ञा दी
“और चलते चलते प्रचार कर कहो कि स्वर्ग का राज्य निकट आ गया है।”
“बीमारों को चंगा करो: मरे हुओं को जिलाओ: कोढ़ियों को शुद्ध करो: दुष्टात्माओं को निकालो: तुम ने सेंतमेंत पाया है, सेंतमेंत दो।” मत्ती 10:7,8
सुसमाचार में सामर्थ
“क्योंकि मैं सुसमाचार से नहीं लजाता, इसलिये कि वह हर एक विश्वास करनेवाले के लिये, पहिले तो यहूदी, फिर यूनानी के लिये उद्धार के निमित्त परमेश्वर की सामर्थ है।”
“क्योंकि उस में परमेश्वर की धार्मिकता विश्वास से और विश्वास के लिये प्रगट होती है; जैसा लिखा है, कि विश्वास से धर्मी जन जीवित रहेगा।।” रोमियों 1:16,17
सुसमाचार सुनाना क्यों जरूरी है ?
“सो विश्वास सुनने से, और सुनना मसीह के वचन से होता है।” रोमियों 10:17
अब देखिये
बहुत से लोग भविष्यवाणी वरदान प्राप्त कर के भविष्यद्वक्ता बन कर सिर्फ भविष्यवाणी करते है और भविष्यवाणी पर प्रचार करते हैं और सुसमाचार नही सुनाते
बहुत से लोग चंगाई या अदभुत के काम का वरदान प्राप्त कर सिर्फ चंगाई सभा करते है चंगाई के उपर प्रचार करते लेकिन सुसमाचार नही सुनाते
जबकि वचन कहता है :-
“और प्रचारक बिना क्योंकर सुनें? और यदि भेजे न जाएं, तो क्योंकर प्रचार करें? जैसा लिखा है, कि उन के पांव क्या ही सोहावने हैं, जो अच्छी बातों का सुसमाचार सुनाते हैं।” रोमियों 10:15
पौलुस कहते हैं
“हे भाइयो, मेरे मन की अभिलाषा और उन के लिये परमेश्वर से मेरी प्रार्थना है, कि वे उद्धार पाएं।” रोमियों 10:1
जो लोग सुसमाचार नही सुनाते सिर्फ भविष्यवक्ता सभा या चंगाई सभा करते है इनके विषय देखिये प्रेरित पौलुस क्या कहते हैं
“क्योंकि मैं उन की गवाही देता हूं, कि उन को परमेश्वर के लिये धुन रहती है, परन्तु बुद्धिमानी के साथ नहीं।”
“क्योंकि वे परमेश्वर की धार्मिकता से अनजान होकर, और अपनी धार्मिकता स्थापन करने का यत्न करके, परमेश्वर की धार्मिकता के आधीन न हुए।” रोमियों 10:2 – 3
आज हम देखते हैं बहुत से भविष्यद्वक्ता और चंगा करने वाले खड़े हो गए है जो कि सिर्फ भविष्यवाणी करते है और चंगा करते हैं लेकिन सुसमाचार नही सुनाते
यानी सीधे शब्दों में कहा जाए तो इन्होंने वरदान प्राप्त कर लिया और दुकान खोल ली पौलुस कहते है इन्होने अपनी ही धार्मिकता स्थापित कर ली है और चंगाई और भविष्यवाणी को बेच कर अपना पेट भर रहे हैं
लोग उद्धार पाए या न पाए आत्मा बचे या न बचे इससे कोई मतलब नही
लोग चंगाई केंद्र ( हीलिंग सेंटर ) के नाम से चर्च चला रहे है चर्चो में जो अन्य जाति के बीमार लोग आते उनको ये नही बताया जाता की आप के लिए चंगाई छुटकारा मुफ्त में है
“बीमारों को चंगा करो: मरे हुओं को जिलाओ: कोढ़ियों को शुद्ध करो: दुष्टात्माओं को निकालो: तुम ने सेंतमेंत पाया है, सेंतमेंत दो।” मत्ती 10:8
पोलुस कहते है
“और हे भाइयों, जब मैं परमेश्वर का भेद सुनाता हुआ तुम्हारे पास आया, तो वचन या ज्ञान की उत्तमता के साथ नहीं आया।”
“क्योंकि मैं ने यह ठान लिया था, कि तुम्हारे बीच यीशु मसीह, बरन क्रूस पर चढ़ाए हुए मसीह को छोड़ और किसी बात को न जानूं।”
“और मैं निर्बलता और भय के साथ, और बहुत थरथराता हुआ तुम्हारे साथ रहा।”
“ओर मेरे वचन, और मेरे प्रचार में ज्ञान की लुभानेवाली बातें नहीं; परन्तु आत्मा और सामर्थ का प्रमाण था।” 1 कुरिन्थियों 2:1 से 4
सुसमाचार के साथ भविष्यवाणी, चंगाई, अदभुत के काम जरूरी हैं इनको सुसमाचार से अलग नही किया जा सकता
यीशु के चेलों और प्रेरित पोलुस के द्वारा बड़े बड़े और अदभुत के काम होते थे लेकिन उन्होंने सुसमाचार को आधार ( बेस) बनाया था
लेकिन वर्तमान समय में लोगों ने भविष्यवाणी और चंगाई को बेस बना लिया है
सावधान हो जाए आत्माए नष्ट हो रही हैं
सुसमाचार न हो होने की वजह से लोग चंगे होते है और लगभग लोग वापस लोट जाते और कुछ समय बाद बीमारी वापस लोट आती है और आत्मा भटक जाती है
सुसमाचार न होने की वजह से जब लोगो के लिए भविष्यवाणी करने के बाद कुछ के जीवन में पूरी होती लेकिन उद्धार नही होता और कुछ के जीवन में कुछ भविष्यवाणी पूरी नही होती तब वे ठोकर खाते और भटक जाते है
महत्वपूर्ण बात भविष्यद्वक्ता जो भविष्यवाणी करते है वो बाइबल के अंदर से नही करते न ही बाइबल के अनुसार करते हैं इसलिए लिखा है भविष्यवाणी को परखो क्योंकि लोग लुभाने वाली धन,मकान,बिजनेस,जॉब, शादी, तरक्की आदि की भविष्यवाणी ज्यादा करके लोगो को आकर्षित करते है
जबकि बाइबल के भविष्यद्वक्ता लोगो को सुधारने की चेतावनी, परमेश्वर की ओर से सन्देश आत्मिक उन्नति की बाते परमेश्वर की ओर से बताते थे
सुसमाचार न होने की वजह से अधुरा सुधार होता है जिससे विपति आती है
“जब अशुद्ध आत्मा मनुष्य में से निकल जाती है, तो सूखी जगहों में विश्राम ढूंढ़ती फिरती है, और पाती नहीं।
“तब कहती है, कि मैं अपने उसी घर में जहां से निकली थी, लौट जाऊंगी, और आकर उसे सूना, झाड़ा- बुहारा और सजा सजाया पाती है।”
“तब वह जाकर अपने से और बुरी सात आत्माओं को अपने साथ ले आती है, और वे उस में पैठकर वहां वास करती है, और उस मनुष्य की पिछली दशा पहिले से भी बुरी हो जाती है; इस युग के बुरे लोगों की दशा भी ऐसी ही होगी।” मत्ती 12:43 से 45
इसलिए एसे लोगो से सावधान रहे
लोगों को परखे कि उनके अंदर लोगो को उद्धार दिलाने की अभिलाषा है कि नहीं
प्रभु यीशु आपको आशीष देवे आमीन
प्रभु यीशु में आपका सेवक
Apostle Rakesh Lal

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