पवित्र आत्मा की उपस्थिति में क्या होता है?
वचन के ज्ञान की कमी के कारण लोग अंधेरे में हैं और वे शक्ति के प्रकट होने को गलत तरीके से दिखाते हैं, जिससे लोगों को गलत संदेश जाता है।
क्योंकि शारीरिक लोग जो परमेश्वर कि सामर्थ और उसके कामो पर भरोसा नही रखते वो उसकी सामर्थ्य के कामो का उपहास करते, पवित्र आत्मा कि उपस्थिति में जब कोई गिरता, या हंसता, विल्लाता या रोता या कांपता तो अज्ञानता के कारण तरह – तरह कि बाते करके लोगों को बरगला देते है, गिरने के विषय बोलते पवित्र आत्मा गिराता नही है या मुंह के बल सही है पीछे कि तरफ गिरना गलत है बाइबल में ऐसा नही लिखा वैसा नही लिखा और बाइबल न पढने वाले भटका दिए जाते हैं तो
आइए हम देखें कि बाइबल क्या कहती है ताकि अज्ञानता दूर हो सके।
“क्योंकि परमेश्वर का राज्य बातों की बात नहीं, बल्कि सामर्थ की बात है।” 1 कुरिन्थियों 4:20
— अपनी आँखें खुली रखें ताकि आप किसी व्यक्ति पर पवित्र आत्मा के प्रकट होने के चिन्हों को दिखने पर न चूकें। कुछ सामान्य चिन्ह हैं:
पलकें फड़कना, साँस लेने के तरीके में बदलाव, हल्का काँपना, त्वचा पर लालिमा, चेहरे पर दिव्य चमक, और स्पष्ट शांति।
† परमेश्वर की उपस्थिति और पवित्र आत्मा की शक्ति के प्रति संभावित प्रतिक्रियाएँ: †
कांपना या थरथराना
जब तीसरा दिन आया तब भोर होते बादल गरजने और बिजली चमकने लगी, और पर्वत पर काली घटा छा गई, फिर नरसिंगे का शब्द बड़ा भारी हुआ, और छावनी में जितने लोग थे सब काँप उठे। Exodus 19:16
डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और काँपते हुए मगन हो। Psalms 2:11
पवित्रता से शोभायमान होकर यहोवा को दण्डवत करो; हे सारी पृथ्वी के लोगों उसके सामने काँपते रहो! Psalms 96:9
हे पृथ्वी प्रभु के सामने, हाँ, याकूब के परमेश्वर के सामने थरथरा। Psalms 114:7
तेरे भय से मेरा शरीर काँप उठता है, और मैं तेरे नियमों से डरता हूँ। Psalms 119:120
हे सारी पृथ्वी के लोगो उसके सामने थरथराओ! जगत ऐसा स्थिर है, कि वह टलने का नहीं। 1 Chronicles 16:30
तब जितने लोग इस्राएल के परमेश्वर के वचन सुनकर बन्धुआई से आए हुए लोगों के विश्वासघात के कारण थरथराते थे, सब मेरे पास इकट्ठे हुए, और मैं साँझ की भेंट के समय तक विस्मित होकर बैठा रहा। Ezra 9:4
……. तुम जो यहोवा का वचन सुनकर थरथराते हो यहोवा का यह वचन सुनो: Isaiah 66:4
यहोवा की यह वाणी है, क्या तुम लोग मेरा भय नहीं मानते? क्या तुम मेरे सम्मुख नहीं थरथराते? मैंने बालू को समुद्र की सीमा ठहराकर युग-युग का ऐसा बाँध ठहराया कि वह उसे पार न कर सके; और चाहे उसकी लहरें भी उठें, तौभी वे प्रबल न हो सकें, या जब वे गरजें तौभी उसको न पार कर सकें। Jeremiah 5:22
भविष्यद्वक्ताओं के विषय मेरा हृदय भीतर ही भीतर फटा जाता है, मेरी सब हड्डियाँ थरथराती है; यहोवा ने जो पवित्र वचन कहे हैं, उन्हें सुनकर, मैं ऐसे मनुष्य के समान हो गया हूँ जो दाखमधु के नशे में चूर हो गया हो, Jeremiah 23:9
फिर किसी ने अपने हाथ से मेरी देह को छुआ, और मुझे उठाकर घुटनों और हथेलियों के बल थरथराते हुए बैठा दिया।
तब उसने मुझ से कहा, “हे दानिय्येल, हे अति प्रिय पुरूष, जो वचन मैं तुझ से कहता हूँ उसे समझ ले, और सीधा खड़ा हो, क्योंकि मैं अभी तेरे पास भेजा गया हूँ।” जब उसने मुझ से यह वचन कहा, तब मैं खड़ा तो हो गया परन्तु थरथराता रहा। Daniel 10:10-11
उसका रूप बिजली के समान और उसका वस्त्र हिम के समान उज्ज्वल था।
उसके भय से पहरेदार काँप उठे, और मृतक समान हो गए। Matthew 28:3-4
“मैं तेरे पूर्वज, अब्राहम, इसहाक और याकूब का परमेश्वर हूँ।” तब तो मूसा काँप उठा, यहाँ तक कि उसे देखने का साहस न रहा। Acts 7:32
और वह दर्शन ऐसा डरावना था, कि मूसा ने कहा, “मैं बहुत डरता और काँपता हूँ।” Hebrews 12:21
गिर जाना – “आरम्भ करना” या आत्मा में “वध होना”
जैसे वर्षा के दिन बादल में धनुष दिखाई पड़ता है, वैसे ही चारों ओर का प्रकाश दिखाई देता था। यहोवा के तेज का रूप ऐसा ही था। और उसे देखकर, मैं मुँह के बल गिरा, तब मैंने एक शब्द सुना जैसे कोई बातें करता है। Ezekiel 1:28
तब मैं उठकर मैदान में गया, और वहाँ क्या देखा, कि यहोवा का प्रताप जैसा मुझे कबार नदी के तट पर, वैसा ही यहाँ भी दिखाई पड़ता है; और मैं मुँह के बल गिर पड़ा। Ezekiel 3:23
तब जहाँ मैं खड़ा था, वहाँ वह मेरे निकट आया; और उसके आते ही मैं घबरा गया, और मुँह के बल गिर पड़ा। तब उसने मुझ से कहा, “हे मनुष्य के सन्तान, उन देखी हुई बातों को समझ ले, क्योंकि उसका अर्थ अन्त ही के समय में फलेगा।”
जब वह मुझ से बातें कर रहा था, तब मैं अपना मुँह भुमि की ओर किए हुए भारी नींद में पड़ा था, परन्तु उसने मुझे छूकर सीधा खड़ा कर दिया। Daniel 8:17-18
तौभी मैं ने उस पुरूष के वचनों का शब्द सुना, और जब वह मुझे सुन पड़ा तब मैं मुँह के बल गिर गया और गहरी नींद में भूमि पर औंधे मुँह पड़ा रहा। Daniel 10:9
उसके भय से पहरेदार काँप उठे, और मृतक समान हो गए।Matthew 28:4
पतरस और उसके साथी नींद से भरे थे, और जब अच्छी सचेत हुए, तो उसकी महिमा; और उन दो पुरुषों को, जो उसके साथ खड़े थे, देखा। Luke 9:32
उसके यह कहते ही, “मैं हूँ,” वे पीछे हटकर भूमि पर गिर पड़े। यूहन्ना 18:6
और वह भूमि पर गिर पड़ा, और यह शब्द सुना, “हे शाऊल, हे शाऊल, तू मुझे क्यों सताता है?” Acts 9:4
और जब हम सब भूमि पर गिर पड़े, तो मैंने इब्रानी भाषा में, मुझसे कहते हुए यह वाणी सुनी, ‘हे शाऊल, हे शाऊल, तू मुझे क्यों सताता है? पैने पर लात मारना तेरे लिये कठिन है।’ Acts 26:14
और उसके मन के भेद प्रगट हो जाएँगे, और तब वह मुँह के बल गिरकर परमेश्वर को दण्डवत् करेगा, और मान लेगा, कि सचमुच परमेश्वर तुम्हारे बीच में है। 1 Corinthians 14:25
जब मैंने उसे देखा, तो उसके पैरों पर मुर्दा सा गिर पड़ा* और उसने मुझ पर अपना दाहिना हाथ रखकर यह कहा, “मत डर; मैं प्रथम और अन्तिम हूँ, Revelation 1:17
मस्तिष्क में नशे की स्थिति
वे सब पवित्र आत्मा से परिपूर्ण हो गये और जो वाणी का वरदान पवित्र आत्मा ने उन्हें दिया, उस के अनुसार भिन्न-भिन्न भाषाओं में बोलने लगे।
परंतु दूसरों ने उपहास करते हुए कहा, “ये तो मदिरा पी कर मतवाले हो रहे हैं।”
ये लोग मतवाले नहीं हैं, जैसा कि आप समझते हैं। अभी तो दिन के नौ बजे हैं। प्रेरितों 2:4, 13, 15
हन्नाह प्रभु के सम्मुख बहुत समय से प्रार्थना कर रही थी। एली उसके ओंठों को ध्यान से देख रहा था।
हन्नाह हृदय में बात कर रही थी। केवल उसके ओंठ हिल रहे थे, पर उसकी आवाज सुनाई नहीं दे रही थी। अत: एली ने समझा कि वह नशे में है।
एली ने उससे कहा, ‘तुम कब तक नशे में रहोगी? जाओ और नशा उतरने दो।’
हन्नाह ने उत्तर दिया, ‘नहीं, मेरे स्वामी, मैं ऐसी स्त्री हूँ, जिसके दिन कठिनाई से बीत रहे हैं। न मैंने अंगूर का रस पीया है, और न शराब। मैं प्रभु के सम्मुख अपने प्राण को उण्डेल रही थी।
कृपया मुझे, अपनी सेविका को ओछी स्त्री मत समझिए। मैं अपने दु:ख और चिढ़ की अधिकता के कारण अब तक बात करती रही।’
एली ने कहा, ‘शान्ति से जाओ! जो मांग तुमने इस्राएल के परमेश्वर से की है, वह तुम्हें प्रदान करे।’ 1 शमूएल 1:12-17; 1
अत: वह वहां से रामाह नगर के नायोत मुहल्ले को गया। तब परमेश्वर का आत्मा शाऊल पर भी उतरा और वह भी नबूवत करने लगा। जब तक वह रामाह नगर के नायोत मुहल्ले में नहीं पहुंचा तब तक वह मार्ग में चलते-चलते नबूवत करता रहा। 1शमूएल 19:23
हँसना, चिल्लाना, या रोना
जब अब्राम निन्यानवे वर्ष का हो गया, तब यहोवा ने उसको दर्शन देकर कहा, “मैं सर्वशक्तिमान् ईश्वर हूँ; मेरी उपस्थिति में चल और सिद्ध होता जा।
तब अब्राम मुँह के बल गिरा : और परमेश्वर उस से यों बातें करता गया,
तब अब्राहम मुँह के बल गिर पड़ा और हँसा, और मन ही मन कहने लगा, “क्या सौ वर्ष के पुरुष के भी सन्तान होगी और क्या सारा जो नब्बे वर्ष की है पुत्र जनेगी?” उत्पत्ति 17:1, 3, 17;
इसलिये लोग, आनन्द के जय जयकार का शब्द, लोगों के रोने के शब्द से अलग पहिचान न सके, क्योंकि लोग ऊँचे शब्द से जय जयकार कर रहे थे, और वह शब्द दूर तक सुनाई देता था। एज्रा 3:13;
तब नहेम्याह जो अधिपति था, और एज्रा जो याजक और शास्त्री था, और जो लेवीय लोगों को समझा रहे थे, उन्होंने सब लोगों से कहा, “आज का दिन तुम्हारे परमेश्वर यहोवा के लिये पवित्र है; इसलिये विलाप न करो और न रोओ।” क्योंकि सब लोग व्यवस्था के वचन सुनकर रोते रहे। नहेमायाह 8:9,
उसी दिन लोगों ने बड़े बड़े मेलबलि चढ़ाए, और आनन्द किया; क्योंकि परमेश्वर ने उनको बहुत ही आनन्दित किया था; स्त्रियों ने और बाल–बच्चों ने भी आनन्द किया। यरूशलेम के आनन्द की ध्वनि दूर दूर तक फैल गई। नहेमायाह 12:43;
तब हम आनन्द से हँसने और जयजयकार करने लगे; तब जाति जाति के बीच में कहा जाता था, “यहोवा ने इनके साथ बड़े बड़े काम किए हैं।” भजन संहिता 126:2।
गर्मी और शक्ति को महसूस करना
(एनर्जिया // डुनामिस)
यीशु ने तुरन्त अपने में जान लिया कि मुझ में से सामर्थ्य निकली है, और भीड़ में पीछे फिरकर पूछा, “मेरा वस्त्र किसने छुआ?” मरकुस 5:30,
इसी के लिये मैं उसकी उस शक्ति के अनुसार जो मुझ में सामर्थ्य के साथ प्रभाव डालती है, तन मन लगाकर परिश्रम भी करता हूँ। कुलुस्सियों 1:29,
गहरी शांति
सो परमेश्वर जो आशा का दाता है तुम्हें विश्वास करने में सब प्रकार के आनन्द और शान्ति से परिपूर्ण करे, कि पवित्र आत्मा की सामर्थ से तुम्हारी आशा बढ़ती जाए॥ रोमियों 15:13;
क्योंकि परमेश्वर गड़बड़ी का नहीं, परन्तु शान्ति का कर्त्ता है; जैसा पवित्र लोगों की सब कलीसियाओं में है॥ 1 कुरिंथियों 14:33
चमकता हुआ चेहरा
और उन्हें आग की सी जीभें फटती हुई दिखाई दीं; और उन में से हर एक पर आ ठहरीं। प्रेरितों 2:3
तब सब लोगों ने जो सभा में बैठे थे, उस की ओर ताक कर उसका मुखड़ा स्वर्गदूत का सा देखा॥ प्रेरितों 6:15
परन्तु उस ने पवित्र आत्मा से परिपूर्ण होकर स्वर्ग की ओर देखा और परमेश्वर की महिमा को और यीशु को परमेश्वर की दाहिनी ओर खड़ा देखकर। प्रेरितों 7:55;
परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं॥ 2 कुरिन्थियों 3:18
जब मूसा साक्षी की दोनों तख्तियां हाथ में लिये हुए सीनै पर्वत से उतरा आता था तब यहोवा के साथ बातें करने के कारण उसके चेहरे से किरणें निकल रही थी।, परन्तु वह यह नहीं जानता था कि उसके चेहरे से किरणें निकल रही हैं। निर्गमन 34:29
परमेश्वर का राज्य शक्ति के बिना स्थापित नहीं किया जा सकता।

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