पवित्र आत्मा से रूपांतरण: ह्रदय में परिवर्तन और यीशु की सुनना क्यों जरूरी?

1 Samuel  10:6

 “तब यहोवा का आत्मा तुझ पर बल से उतरेगा, और तू उनके साथ होकर नबूवत करने लगेगा, और तू परिवर्तित होकर और ही मनुष्य हो जाएगा।”

“तू परिवर्तित हो कर और ही मनुष्य हो जायेगा।”

 ये रूपांतरण है!

अब क्या नया किया हमारे अंदर देखे: –

Ezekiel 36:26-27

“मैं तुम को नया मन दूंगा, और तुम्हारे भीतर नई आत्मा उत्पन्न करूंगा; और तुम्हारी देह में से पत्थर का हृदय निकालकर तुम को मांस का हृदय दूंगा।”

“और मैं अपना आत्मा तुम्हारे भीतर देकर ऐसा करूंगा कि तुम मेरी विधियों पर चलोगे और मेरे नियमों को मानकर उनके अनुसार करोगे।”

आपके अंदर से दूषित मन जिसमे बहुत विचार आते जो शैतान का कारखाना था, दूषित आत्मा को और कठोर और अशुद्ध ह्रदय को निकाल कर

नया मन + नई आत्मा + नया ह्रदय – दे दिया

ये इस लिए हुआ कि परमेश्वर जो की अति पवित्र है वो दूषित और अशुद्ध जगह में कैसे रहेगा इस लिए मन आत्मा और ह्रदय को नया किया गया ताकि पवित्र आत्मा ह्रदय में वास करें और हमारी आत्मा को अपने अधीन में कर के रखें और दूषित विचारों कल्पनाओं वाले मन को नया इसलिए किया की पवित्र आत्मा हमारे ह्रदय से  हमारे मन के साथ एक कम्युनिकेशन स्थापित कर सकें 

एक संचार प्रणाली

पवित्र आत्मा हमारी आत्मा के साथ ह्रदय में है और वहां से वो हमारे मन के साथ वार्तालाप करें ताकि हम पवित्र आत्मा कि सुन कर इस पृथ्वी पर जब तक जीवन बिताते हैं चल सकें पर परमेश्वर के पुत्र बन सकें जैसे:-

यीशु भी पवित्र आत्मा के चलाये चले :-

मत्ती 4:1  “तब आत्मा यीशु को जंगल ले गया।” यीशु खुद नही गये यीशु चाहते तो खुद जा सकते थे लेकिन यीशु मार्ग पर चल कर दिखा रहे थे कि तुम भी ऐसा करो ।  

चेले भी पवित्र आत्मा के चलाये चले :-

प्रेरितों के काम पढ़ें – 1.) पतरस को बंदीग्रह से पवित्र आत्मा ने निकाला और बोला जा मंदिर में प्रचार कर,

2.) पवित्र आत्मा ने फिलिप्पुस को खोजा के पास भेजा,

3.) पतरस प्रार्थना कर रहा और दर्शन देख रहा था तब उसको पवित्र आत्मा ने बताया कि तीन लोग नीचे खड़े हैं मैंने ही उनको तेरे पास भेजा तू निधड़क उनके साथ हो ले ।

ऐसी बहुत सी बाते प्रेरितों के काम यानि पवित्र आत्मा के कार्य की पुस्तक में लिखे हैं कैसे – कैसे पवित्र आत्मा ने कार्य किया लिखा है: –

ऐसा इसलिए लिखा गया है कि आप जाने की बाइबल में लिखा गया वचन झूठा नही है।

वचन सत्य है

“इसलिये कि जितने लोग परमेश्वर के आत्मा के चलाए चलते हैं, वे ही परमेश्वर के पुत्र हैं।” – Romans 8:14

तभी यीशु ने कहा : –

“मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं, और मैं उन्हें जानता हूं, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं।” – John 10:27

यदि आप यीशु का शब्द सुनते और सुन कर चलते हो – तो यीशु ने नीचे  28 आयत में क्या कहा है देखें: –

“और मैं उन्हें अनन्त जीवन देता हूं, और वे कभी नाश नहीं होंगी, और कोई उन्हें मेरे हाथ से छीन न लेगा।” john 10:28

आप यीशु की सुन कर चलते हो अंधो को आँखे देते हो, मुर्दों को जिन्दा करते हो, दुष्टात्माओं को निकालते हो, अदभुत के आश्चर्यकर्म यीशु के नाम से करते हो तो यीशु आपको कभी नही कहेगा कि हे कुकर्म करने वालो मेरे सामने से दूर चले जाओ।

यीशु किससे ऐसा कहेगा ?

जिन्होंने पवित्र आत्मा पाया और शुरुआत में खूब प्रार्थना की और वरदानों को और बुलाहट को प्राप्त कर लिया लेकिन चलते – चलते पवित्र आत्मा कि सुनना बंद कर दिया और अपने मन के चलाये चलने लगे मन दुबारा दूषित हो गया अब मन में तीन आवाजें उठने लगीं।

अब क्या होगा देखें: –

पवित्र आत्मा ने कुछ बोला – शैतान ने विपरीत बात मन में डाली – और आपके पुराने दूषित मन ने सन्देह उतपन्न किया अब आप कन्फ्यूज हो जायेंगे कि कौन सी आवाज सही है अब क्या घटना घटी वचन के अनुसार देखे।

Hebrews 3:12-13  

“हे भाइयो, चौकस रहो, कि तुम में ऐसा बुरा और अविश्वासी मन न हो, जो जीवते परमेश्वर से दूर हट जाए।”

अब आपके अविश्वासी मन ने आपको परमेश्वर से दूर कर दिया तो फिर आपका ह्रदय कठोर हो गया।

“बरन जिस दिन तक आज का दिन कहा जाता है, हर दिन एक दूसरे को समझाते रहो, ऐसा न हो, कि तुम में से कोई जन पाप के छल में आकर कठोर हो जाए।”

अब ऐसे लोग जिन्होंने आत्मा में शुरुआत तो करी वरदानों को भी प्राप्त किया बुलाहट के अनुसार चलने भी लगे लेकिन परमेश्वर से दूर हो गए – वरदान काम कर रहे है और बुलाहट पर भी खड़े हो

क्योंकि वचन में लिखा है: –

“क्योंकि परमेश्वर अपने बरदानों से, और बुलाहट से कभी पीछे नहीं हटता।” – Romans 11:29

ये वचन के अनुसार लोगों के द्वारा चिन्ह और चमत्कार होते हैं

जैसे विलियम ब्रेनहेम जिसने एन्ड टाइम मिनिस्ट्री की स्थापना करी

शुरुआत के दिनों में वो परमेश्वर की सुन कर चलता और सेवा करता था

लेकिन जब वो परमेश्वर से दूर हो गया और अपने मन के अनुसार चलने लगा तो उसे शैतान की आत्मा

बताने लगा और उसने गलत डॉक्ट्रिन लिख डाली चूँकि उसे चंगाई का वरदान मिला था मुर्दे जिन्दा

करता लोगों को चंगा करता था तो वो ये सोचने लगा कि मैं सही चल रहा हूँ क्योंकि वरदान तो कार्य कर रहा था

उसने यीशु की बराबरी कर डाली

लेकिन उसका बुरा हाल हुआ

सेवकाई खत्म हो गई

सेवकाई भयानक कर्ज में डूब गई

कर्ज न पटाने के कारण मुकदमा चला

अपने आपको एलिय्याह बताने वाले ब्रेनहेम को एक शराबी ने उसकी कार को ठोंक दिया ब्रेनहेम कोमा में चले गए और मृत्यु हो गयी

उन्होंने 1284 संदेशों की “ब्रेनहेम बाइबल” बनाई जिनको ब्रेनहेमाईट (यानि ब्रेनहेम को फॉलो करने वाले पढ़ते और फ़ॉलो करते है)।

ब्रेनहेम ने बोला था कि मैं मरने के बाद पहले ईस्टर की सुबह जीवित हो कर आसमान में उठाया जाऊंगा।

तो उनके अनुयायियों ने उनकी (मृत शरीर को) डेड बॉडी को ईस्टर तक रखा ईस्टर आया लेकिन यीशु की

बराबरी करने वाले विलियम ब्रेनहेम एन्ड टाइम मिनिस्ट्री के संस्थापक जिन्दा नही हुए।

फिर विलियम ब्रेनहेम को गाड़ा गया और उसकी कब्र पर पिरामिड खड़ा किया गया और उस पर मिस्र का बाज बैठाया गया

ये ऐसे काम करने वालों का अंत बुरा होता है।

ये बातें इसलिए लिखा हूँ कि वचन को एक्सप्लेन कर सकूँ:-

क्योंकि पौलुस इफ़सुस की कलीसिया जो की पवित्र आत्मा से भरी हुई थी उसको खत लिख कर समझा रहा है-

कि जो सेवक या विश्वासी पवित्र आत्मा पाये हुए हैं वरदानो से भरे है सेवकाई करते भविष्यवाणी करते और यदि वे

परमेश्वर के वचन का आज्ञापालन नही करते उनके अंदर अन्धकार के हाकिम की आत्मा कार्य करती है और पवित्र आत्मा

की जगह अंधकार के हाकिम कि आत्मा उसे बताने लगती, भविष्यवाणी करने लगती, गलत प्रकाशन देने लगती और

लोग समझते कि पवित्र आत्मा बता रहे जैसे विलियम ब्रेनहेम के साथ हुआ।

देखिये लोग कैसे धोखे में जीते हैं

 “और उस ने तुम्हें भी जिलाया, जो अपने अपराधों और पापों के कारण मरे हुए थे।”

“जिन में तुम पहिले इस संसार की रीति पर, और आकाश के अधिकार के हाकिम अर्थात् उस आत्मा के अनुसार चलते थे, जो अब भी आज्ञा न माननेवालों में कार्य करता है।”Ephesians 2:1-2

इसलिए यीशु मसीह ने कहा है: –

“जो मुझ से, हे प्रभु, हे प्रभु कहता है, उन में से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है।”

“उस दिन बहुतेरे मुझ से कहेंगे; हे प्रभु, हे प्रभु, क्या हम ने तेरे नाम से भविष्यद्वाणी नहीं की, और तेरे नाम से दुष्टात्माओं को नहीं निकाला, और तेरे नाम से बहुत अचम्भे के काम नहीं किए?”

“तब मैं उन से खुलकर कह दूंगा कि मैं ने तुम को कभी नहीं जाना, हे कुकर्म करनेवालों, मेरे पास से चले जाओ।”Matthew  7:21-23

ये लोग ऐसे लोग है जो परमेश्वर की इच्छा यानि वचन पर नही चले इसलिए उनका अंत नरक की आग में डाला जाना होगा।

अपने आप को जांचे – गलत शिक्षा देने वालों से सावधान रहें वचन से परखें – और परमेश्वर की सुनने लगें और सुन कर चलें – तभी आप परमेश्वर के पुत्र और पुत्रियाँ कहलाओगे।

और जब पुत्र और पुत्री कहलाओगे तभी उसके वारिस बनोगे – और जब वारिस बनोगे तो पिता की विरासत के हकदार बनने पाओगे और पिता की संपत्ति स्वर्ग है।

निर्णय आपके हाथ में हैं !

यदि आप अपने आत्मिक जीवन में उन्नति करना चाहते है हम से संपर्क कर सकते हैं – 9981098303 / 8319805610.

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