क्या आपका उद्धार प्रमाणित है? जानें कैसे

*भाइयो और बहनों*
*सन्देश बड़ा है लेकिन आपका जीवन बदल देगा*

*आइये देखें शैतान कैसे पास्टर, प्रचारकों, सेवकों की झूठी शिक्षा के द्वारा यीशु के लोगों को उद्धार पाने से रोक रहा हैं*

*आइये देखें शैतान कैसे पास्टर, प्रचारकों, सेवकों की झूठी शिक्षा के द्वारा यीशु के लोगों को उद्धार पाने से रोक रहा हैं*

बाइबल इनको  झूठा नबी पूंछ हैं कहती है ।

ये कैसे लोगों के मन को बड़ी चलाकी से घुमा देते हैं –

1 ये कहते है जैसे ही हम ने यीशु को ग्रहण किया वैसे ही पवित्र आत्मा हमारे अन्दर आ जाते हैं और ये तुरन्त पत्रियों से जो कि उद्धार पायी हुई कलीसिया को लिखी गई थी एक्सप्लेन करके सामने वाले को कान्फिडेंस दिला देते है कि तुम्हारा उद्धार हो चुका है अब तुम विश्वासी हो जबकि वचन कुछ और ही कहता है 

लेकिन मैं पूछता हूँ कि यदि आपका उद्धार हो चुका है तो क्या प्रमाण है ? 

आपके पास क्या चिन्ह है ?  

कि आपके अन्दर पवित्र आत्मा आ गये हैं ?  

ANSWER =  कोई चिन्ह नही  और  कोई प्रमाण नही है 

अब आप एक बात जरा ठन्डे दिमाग से सोचिये 

आपके प्रदेश का मुख्य मंत्री आपके घर आये और मोहल्ले वालो को और शहर के लोगों को पता ही न चले क्या ऐसा हो सकता है ?

अरे मोहल्ले और शहर की बात तो छोडिये आपको ही न पता चले कि मुख्य मंत्री मेरे घर आया है ?

(मेरा मानना है पूरा प्रशासन और नेताओं से लेकर शहर और मोहल्ले का हर व्यक्ति जान जायेगा कि आप फलाने के यहाँ मुख्य मंत्री आया है आप शहर में चर्चा का विषय बन जायेंगे )

ध्यान देने वाली बात है जिसको जनता ने चुना है –

एक मुख्य मंत्री जिसका कार्यकाल 5 साल का होता है उसको ये भी नही पता होता कब तक कुर्सी पर रहूँगा पूरा प्रशासन और नेता लोग हरकत में आ जाते हैं जहाँ वो जाता है देखने और मिलने वालो की भीड़ लग जाती है वो जिसके घर चला जाये वो व्यक्ति विशेष हो जाता है इसलिए कि मुख्य मंत्री उसके घर आया कोई जरुर विशेष सम्बन्ध होंगे अधिकारी आपको विशेष सम्मान देने लग जायेंगे

तो जरा सोचिये जिस परमेश्वर ने सारे जगत को बनाया, दो जहाँ का मालिक और खालिक  सारी स्रष्टी को रचने वाला महान प्रतापी परमेश्वर जो सर्वसामर्थी, सर्वव्यापी, सर्वज्ञानी परमेश्वर है  किसी व्यक्ति के अन्दर आये और उसको पता न चले ऐसा हो सकता क्या  है ?  

यदि आपको आपके पास्टर ने या प्रचारक ने मिसगाइड किया तो क्या आपने बाइबल नही पढ़ी क्या आप पूरी तरह से पास्टर प्रचारक और सेवकों पर निर्भर हो क्या ? ध्यान रहे जब नरक जाओगे तो वहां कोई मुरौवत नही मिलेगी और आप ये भी नही कह पाओगे कि हम को हमारे पास्टर ने या प्रचारक ने  जैसा बताया वैसा हम ने किया (लूका 16:19..31 – धनवान और गरीब लाजर का द्रष्टान्त पढ़ लीजिये “इब्राहीम ने धनवान को क्या बोले” ) आपने बाइबल को नही पढ़ा और उसको समझने के लिए अनन्त जीवन में जाने के लिए अपनी बुद्धि का उपयोग ही नही किया इस कारण जहाँ धनवान गया वहां आपको भी जाना पड़ेगा    

यदि आपने बाइबल पढ़ा होता तो यीशु ने स्वयं कहा है विश्वास करने वालो में ये 5 प्रकार के चिन्ह होंगे  इनमे से एक महत्त्वपूर्ण चिन्ह  “नई नई भाषा बोलेंगे” मरकुस 16:17,18 

विश्वासियो में चिन्ह – जो यीशु ने बताये थे वो सत्य निकले और  पूरे भी हुए क्योंकि  जिसको पवित्र आत्मा का बपतिस्मा या नया जन्म या नए सिरे से जन्म या उद्धार कहते हैं   जिसके ह्रदय के अन्दर पवित्र आत्मा आ जाते है ये 5 चिन्ह उसके अन्दर उस विश्वासी की   I. D.  ( IDENTIFICATION ) हैं विश्वासी होने का प्रमाण है और पाप क्षमा होने का भी प्रमाण है सबूत है 

 प्रेरितों के काम 1:1….4 पढ़िए उसके बाद प्रेरित 10:44…47 / प्रेरित 11:14…18 / प्रेरित 19:1…6 जहाँ जहाँ पवित्र आत्मा लोगो पर उतरे प्रमाण दिया उसके मुँह से अन्य अन्य भाषा निकलने लगी == यीशु ने जो मरकुस 16:17 में कहा वो बातें प्रमाणित हो गईं 

अब यीशु ने चिन्ह क्यों बताये इसको विश्वासी की पहचान भी बोल सकते हैं

इसलिए कि आप पहचान कर सको <> कौन विश्वासी है ?  और कौन अविश्वासी है ? 

चिन्ह, पहचान होना या पता होना सबसे मुख्य बात है जिससे आप बहकाए न जाओ और धोखे में न रहो या कोई आपको धोखा न देने पाए आप इन चिन्हों को देख कर पहचान जाओ कि ये विश्वासी भाई या बहन है 

**_ आप का कोई पता (एड्रेस) तो होगा_** 

आपसे कोई आपका पता पूछे तो आप उसको बताओगे भी 

जैसे कि आप फलाने शहर में फलाने मोहल्ले में गली नंबर… मकान नंबर …. में आपका मकान है जब आप आयेंगे तो इस …रंग का मकान और गेट में फलाना रंग और मकान के बारजे में (शालोम भवन ) लिखा हुआ होगा वही मकान हमारा है 

जब आपके मकान का एड्रेस (पता ) है इतना पुख्ता प्रमाण के साथ आपने बताया कि अनजान व्यक्ति सीधे आपके घर पहुँच सकता है 

आप एक बात जरा ठन्डे दिमाग से सोचें ऐसा कौन सा व्यक्ति है जिसका घर बना हो वो अपने उस  घर में रहता है और उसके घर का कोई एड्रेस पता या कोई पहचान न हो कोई चिन्ह न हो बाहर कोई डिजाईन न हो कोई रंग से पुता ना हो उसके शहर और मोहल्ले और गली का पता न हो क्या ऐसा हो सकता ? 

तो आप एक विश्वासी हो इसका कोई प्रमाण नही है, कोई एड्रेस पता नही है, कोई पहचान नही है, कोई चिन्ह नही है, आपके पाप क्षमा हो गये इसका भी कोई कन्फर्मेशन नही है ? 

तो जरा आप सोचिये किस प्रकार के विश्वासी हो ?

आपको आपके पास्टर ने या किसी प्रचारक ने या सेवक ने आपको बपतिस्मा दिया और  कह दिया कि आप विश्वासी हो आपका नाम जीवन की पुस्तक में लिख गया है आपका उद्धार हो गया आपके अन्दर पवित्र आत्मा आ गया और आपको पता भी नही चला कोई भी हरकत आपके अन्दर नही हुई और आपने मान लिया कि पवित्र आत्मा मेरे अन्दर आ गये ? क्या आपने बाइबल से यीशु की कही बातो से मिलान किया यदि नही किया तो क्यों ? यहुन्ना 16:20..22 

*****___ उदाहरण ___*****

आप रेलवे की टिकिट रिजर्वेशन करवाते हो तो आप ऐसा क्यों नही करते  विश्वास के साथ टिकिट काउन्टर में बुकिंग कलर्क पैसा दे कर आ जाओ और उससे टिकिट मत लो विश्वास कर लो कि मेरा रिजर्वेशन हो गया है ट्रेन में जा कर सीधे बैठ जाओ और टी.सी. को बोलना कि मैंने बुकिंग क्लर्क को पैसा दे दिया हूँ टी.सी. आपको उस रिजर्वेशन बोगी से उतार देगा और भी बहुत कुछ होगा आपको मालुम है 

लेकिन आप यहाँ पर दिमाग का काम करते हो  कन्फर्म सीट की टिकिट लेते हो घर से निकलते समय अच्छे से देखते हो और हिफाजत से रखते हो इसलिए कि जब कोई पूछे तो आप उसको टिकिट दिखा कर बताओगे मेरी सीट कन्फर्म है ये टिकिट प्रमाण है इसमें टिकिट नंबर सीट नम्बर सब डाला हुआ है 

तो जरा दिमाग से सोचिये आपको आपके उद्धार का प्रमाण नही मिला कोई चिन्ह, पहचान नही मिला आप बिना कन्फर्मेशन के स्वर्ग कैसे जाओगे ? 

“और परमेश्वर के पवित्र आत्मा को शोकित मत करो, जिस से तुम पर छुटकारे के दिन के लिये छाप दी गई है।” Ephesians 4:30

नोट :- परमेश्वर पिता ने स्वर्ग जाने वालों को “पवित्र आत्मा की  छाप लगाई है” 

 **__ क्या आपका पास्टर आपको स्वर्ग ले कर जायेगा ? __**

आप 20 रुपये का मटका खरीदते हो तो उसको पैसा देकर क्यों नही रख लेते हो ?

 क्यों  मटके को सब तरफ से ठोंक बजा कर झाँक कर देखते हो इसलिए कि कहीं फूटा न निकल जाये और पैसा बर्बाद न हो जाए वो भी सिर्फ 20 रुपया 

क्या आपका जीवन मटके से कीमती नही है ?

आप कैसे किसी पास्टर, प्रचारक, सेवक की बातों को मान कर या अपने दूषित मन की मान कर अपना बेशकीमती जीवन को दाँव पर लगा रहे हो ?  

जबकि आपको मालूम है कि बहुत से झूठे पास्टर, प्रचारक, सेवक लोग हम में से ही खड़े हो गये है वे भक्ति का भेष तो धारण किये हैं लेकिन उसकी शक्ति को नही मानते आप देख भी रहे है 

तो आप बाइबल क्यों नही पढ़ते और यीशु की कही गई एक एक बातों को क्यों नही मान कर फॉलो करते हो ? जिससे आपकी आत्मा उद्धार को प्राप्त करे 

****__ एक और उदाहरण __*****

पूरे विश्व में सरकारी या गैर सरकारी संस्थाए अपने बड़े से बड़े अधिकारीयों और छोटे से छोटे कर्मचारियों को पहचान पत्र देती है जिसमे उसकी फोटो नाम और पद सरकारी मुहर लगा जारी किया जाता है ! क्यों ????  

आपके घर में कोई  अधिकारी आता है वो कहता है कि मै फलाना अधिकारी हूँ हम आपसे कुछ जानकारी लेना चाहते है आपके घर की तलाशी लेना चाहते है तो आप उससे पूछोगे कि आप कौन हो तब वो आपको अपना I. D. CARD  ( पहचान पत्र )  दिखायेगा जो सरकार या कम्पनी की और से उसकी फोटो नाम और पद सरकारी मुहर लगा जारी किया जाता है  तब आप पूछोगे की आप हमारे घर की तलाशी लेना क्यों चाहते हो आपके पास क्या प्रमाण है किस के आदेश से आये हो तब वो आपको सर्च वारंट दिखायेगा तब आप उसको अन्दर आने दोगे 

ठीक उसी तरह परमेश्वर ने भी विश्वासियो को छाप (मुहर) लगा कर 5 चिन्ह (प्रमाण) दिए हैं  

“और उसी में तुम पर भी जब तुम ने सत्य का वचन सुना, जो तुम्हारे उद्धार का सुसमाचार है, और जिस पर तुम ने विश्वास किया, प्रतिज्ञा किए हुए पवित्र आत्मा की छाप लगी।”Ephesians 1:13

यीशु ने बताया जब पवित्र आत्मा किसी के अन्दर आयेंगे 

“उस ने यह वचन उस आत्मा के विषय में कहा, जिसे उस पर विश्वास करनेवाले पाने पर थे; क्योंकि आत्मा अब तक न उतरा था; क्योंकि यीशु अब तक अपनी महिमा को न पहुंचा था।“ यहुन्ना 7:39 

 जब पवित्र आत्मा मनुष्य के अन्दर आयेंगे तब वो विश्वासी कहलायेगा और उसमे में पांच चिन्ह होंगें जो  मरकुस 16:17,18 में बताये है 

ये 5 चिन्ह एक विश्वासी की I. D.  ( IDENTIFICATION ) 

और जब किसी के ह्रदय के अन्दर पवित्र आत्मा आते है तभी ये चिन्ह दिखाई देते है जिससे लोग जाने कि ये विश्वासी है 

 “परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ पाओगे….” प्रेरितों के काम 1:8 

इसीलिए यीशु ने लोगो को “सच – सच” बताया = विश्वासी की I. D.  ( IDENTIFICATION )

“मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि जो मुझ पर विश्वास रखता है, ये काम जो मैं करता हूं वही भी करेगा, बरन इन से भी बड़े काम करेगा, क्योंकि मैं पिता के पास जाता हूं।“ यहुन्ना 14:12 

यदि कोई यीशु की इन बातो को नही मानता और यीशु जैसा और बड़े बड़े काम नही करता और आपको बोलता है सेवकाई तो कई प्रकार की है वो झूठा है जो यीशु के द्वारा ”सच – सच” कही गई बातो को झुठला रहा है भ्रमित कर रहा है  

जरा सोचिये  

बिजली जिसमे 440 वोल्ट का करेंट होता है आपने अपने घर में कनेक्शन ले रखा है 

क्या आप अपने घर की सिर्फ ट्यूब लाइट ही जलाने के लिए ही कनेक्शन लिया है ? 

आप यदि उससे बिजली का कोई और उपकरण चलना चाहो तो क्या वो नही चलेगा  ?

यदि कोई और उपकरण चलाना चाहो तो बिजली कहेगी कि तुमने मुझे ट्यूब लाइट ही जलाने के लिए ही लिया है उसे ही जलाऊंगी ? == क्या ऐसा हो सकता है ?

या आप बिजली के फेस वाली नंगी तार को पकड़ो तो वो आपको करेंट न मारेगी क्योंकि आपने सिर्फ ट्यूब लाइट जलाने के लिए कनेक्शन लिया है == क्या ऐसा संभव है ?

जरा सोचिये बिजली = विधुत उर्जा या (ELECTRICITY POWER ) का काम है विधुत उपकरणों को चलना बल्ब, ट्यूब लाइट, पंखा, फ्रिज, कूलर, ए,सी., कंप्यूटर, आदि जैसे ही उन विधुत उपकरणों के प्लग को एडाप्टर में लगाओगे उपकरण चालू हो जायेगा 

बिजली = विधुत उर्जा  (ELECTRICITY POWER ) का स्वाभाव है करेंट मारना आप उसको छुओगे तो करेंट मारेगा आपकी जान भी ले सकती है कितने लोग मर भी गये है 

इसलिए यीशु ने कहा  “परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ पाओगे….” प्रेरितों के काम 1:8 

यदि आपके अन्दर पवित्र आत्मा हैं यानि परमेश्वर की सामर्थ है तो आप वो सब कर सकते हो जो यीशु करता था 

इसीलिए यीशु ने लोगो को “सच – सच” बताया = विश्वासी की I. D.  ( IDENTIFICATION )

“मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि जो मुझ पर विश्वास रखता है, ये काम जो मैं करता हूं वही भी करेगा, बरन इन से भी बड़े काम करेगा, क्योंकि मैं पिता के पास जाता हूं।“ यहुन्ना 14:12 

वचन झूठी शिक्षा देने वाले  झूठे नबी पौलुस की लिखी हुई पत्रियों से बताते है 

जैसे कि :-

1 अन्य अन्य बोलना जरुरी नही है  भाषा वरदान है और  1 कुरिन्थियों 12:28 उदाहरण का देते है  

उत्तर :- ये पहचान है <> झूठे पास्टर, प्रचारक, सेवक की क्योंकि उसने यीशु की कही बात को झूठा साबित किया क्योंकि जैसा यीशु ने कहा सुस्समाचार में वो बात सही साबित हुई  प्रेरितों के काम 2:4..6 / 10:44..47 / 11:14..17 / 19:1..6 जहाँ भी चेले या अन्य जाति या 12 लोग जो यहुन्ना का बपतिस्मा अपोलुस से लिए लोग हो सब के सब अन्य अन्य भाषा बोलने लगे और उनको बोलते हुए सुना तब लोगों ने जाना कि ये पवित्र आत्मा से भर गये हैं 

अब ये झूठे लोग पौलुस के ख़त या पत्री से उदाहरण देकर यीशु की बातो की झुठलाते है 

***__ तो हम पौलुस की ही बात को लेते है __***

क्या आपके पास्टर या प्रचारक ने आप से पूछा जैसा पौलुस  ने पूछा उन 12 लोगो से जो मन फिराव का बपतिस्मा पहले से ही लिए हुए थे 

“क्या तुमने विश्वास करते समय पवित्र आत्मा पाया ?” प्रेरितों के काम 19:2 

यदि नही पूछा तो आप अपने पास्टर, प्रचारक से, सेवक  से पूछिए कि आपने हम से क्यों नही पूछा ?  

और उन पास्टर, प्रचारक, सेवक से पूछिए प्रेरित 19:6  में 

 “जब पौलुस ने उन पर हाथ रखे, तो पवित्र आत्मा उन पर उतरा, और वे भिन्न भिन्न भाषा बोलने और भविश्यद्वाणी करने लग गए”  प्रेरित 19:6 

 जैसा पौलुस ने किया आपने हमारे सर पर क्यों हाँथ नही रखा और यदि हाथ रखा भी तो हम पवित्र आत्मा से क्यों नही भरे ? 

हम भी क्यों अन्य अन्य भाषा नही बोले ?  हम भी क्यों भविश्यद्वाणी नही किये ? 

आपको सच्ची शिक्षा  और झूठी शिक्षा देने वालो का पता चल जायेगा 

जो यीशु की शिक्षा को जो उद्धार के विषय में है कभी नही  सिखाते 

मत्ती, मरकुस, लूका, यहुन्ना ये 4 सुसमाचार हैं यीशु की शिक्षा जैसा परमेश्वर ने यीशु को बोला वैसा इन सुसमाचारों में यीशु ने बताया और उस पर चल कर दिखाया है 

ये 4 सुसमाचार मसीही जीवन जो की घर के सामान है  के चारो और मजबूत नीव (बेस) और उसके 4 मजबूत खम्बे (कालम) के समान है जिस पर एक बुलन्द ईमारत का निर्माण होता है 

यदि नीव मजबूत हो तो उसमे इमारत बुलन्द  बनती है सैकड़ों साल वैसी की वैसी रहती है 

और यदि नीव ही कमजोर हो तो उस पर बनी इमारत जर्जर हो जाती है और कोई भरोसा नहीं रहता कब गिर जाए कब जमीदोज हो जाये (कल तक तो थी आज पता नही मैदान है )   

आज लगभग मसीही लोगों की नीव कमजोर होने के कारण उनका आत्मिक जीवन जर्जर अवस्था में है कई गिर चुके है यानी बहकाए जा चुके हैं और कई नाश हो चुके हैं कई का अतापता नही है 

इसलिए जो पाखंडी और धोखेबाज जो अभिलाषाओ में फंसे हुए हैं अपने पेट के लिए मसीह के सेवक बन जाते हैं और लोगो को भी अपने जैसा ही बना लेते है वे आपको पत्रियो से ज्यादा गुमराह करेंगे और मसीह की शिक्षा को और प्रेरितों के काम में जो पवित्र आत्मा की बातों को घुमा कर पत्री से समझा देंगे 

हर मसीही को पहले क्रमश: यीशु की बातो को मानना है फिर पत्रियों की बातो को भी मानना है और बाइबल में जो भी बात लिखी है उसको मानना है एक एक शब्द और एक एक बिंदु को माना है 

ऐसा नही की अपने लाभ के लिए वचन छांट लो और बाकी को छोड़ दो (जैसे आपके पास 1000 का नोट है गाँधी जी की फोटो को फाड़ लो या एक टुकड़ा कही से भी फाड़ लो  और दुकानदार से एक हजार का समान खरीद कर दिखाओ) उसको आपने फाड़ा और उसकी कीमत ख़त्म आप उस नोट को कितनी कोशिश कर लो कितनी भी मिन्नत कर लो नहीं चला सकते 

ठीक उसी तरह “परमेश्वर का वचन” है जो कि जो कि “यीशु मसीह” है  इतना कीमती है जिसका मोल नही लगा सकते 

अब आप अनुमान लगाओ जो वचन को ही ग्रहण नही करता ये वचन हमारे लिए नही है जो वचन को दुसरे वचन से क्रास कर के नही मानता वचन जैसा लिखा है उसको सीधा वैसे ही नही ग्रहण करता उसको अनन्त जीवन कैसे मिलेगा 

जबकि  वचन यानि यीशु मसीह वचन की बिंदु और मात्रा भी यीशु मसीह है को नही मानता या ग्रहण नही करता वो यीशु मसीह के साथ ऐसा करता है

प्रभु यीशु आप सभी को बहुत बहुत आशीष दे आमीन

*इस संदेश को ज्यादा से ज्यादा फैलाएं जिससे शैतान के गढ़ ढा दिए जाएं*

प्रभु यीशु मसीह में आपका सेवक
Apostle Rakesh Lal  / 9981098303


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