जिसको आप चर्च या कलीसिया या परमेश्वर का भवन कहते हो आप पुराने नियम यानी व्यवस्था में चल रहे हो कहीं ऐसा बोल कर आप अपने ऊपर श्राप तो नहीं ला रहे है ?

सावधान हो जाइए आप उक्त बातें कहने की बजाय उसे प्रार्थनालय, आराधनालय, प्रार्थना भवन कह सकते हैं।
नए नियम में आप और हम स्वयं चर्च हैं, परमेश्वर की कलीसिया हैं, परमेश्वर का भवन हैं, पवित्र आत्मा का मंदिर हैं।
जो लोग पत्थर के बनाये भवन को ( House of God) परमेश्वर का भवन कहते उनके लिए पौलुस क्या कह रहे हैं।
Acts 17:24 जिस परमेश्वर ने पृथ्वी और उसकी सब वस्तुओं को बनाया, वह स्वर्ग और पृथ्वी का स्वामी होकर हाथ के बनाए हुए मन्दिरों में नहीं रहता।
(पौलुस साफ कह रहे हैं परमेश्वर हाथ के बनाये मंदिर में नही रहता। तो लोग कैसे बोल रहें कि परमेश्वर का भवन ? )
Hebrews 3:6 पर मसीह पुत्र के समान परमेश्वर के घर का अधिकारी है*, और उसका घर हम हैं, यदि हम साहस पर, और अपनी आशा के गर्व पर अन्त तक दृढ़ता से स्थिर रहें।
(इब्रानियों का लेखक कहता है कि परमेश्वर का घर हम हैं तो पत्थर का भवन परमेश्वर का घर कैसे हो गया ?)
1 Corinthians 3:16-17 क्या तुम नहीं जानते, कि तुम परमेश्वर का मन्दिर हो, और परमेश्वर का आत्मा तुम में वास करता है?
यदि कोई परमेश्वर के मन्दिर को नाश करेगा तो परमेश्वर उसे नाश करेगा; क्योंकि परमेश्वर का मन्दिर पवित्र है, और वह तुम हो।
(यहां पौलुस स्पष्ट कह रहे कि तुम पवित्र आत्मा का मंदिर हो और परमेश्वर का आत्मा तुम में वास करता है। परमेश्वर का मंदिर तुम हो। तो पत्थर के भवन में परमेश्वर कैसे रहेगा ? पत्थर का भवन परमेश्वर का मंदिर कैसे हो गया ? )
1 Kings 8:27 “क्या परमेश्वर सचमुच पृथ्वी पर वास करेगा, स्वर्ग में वरन सब से ऊँचे स्वर्ग में भी तू नहीं समाता, फिर मेरे बनाए हुए इस भवन में क्योंकर समाएगा।
2 Chronicles 6:18 “परन्तु क्या परमेश्वर सचमुच मनुष्यों के संग पृथ्वी पर वास करेगा? स्वर्ग में वरन् सब से ऊँचे स्वर्ग में भी तू नहीं समाता, फिर मेरे बनाए हुए इस भवन में तू कैसे समाएगा?
Psalms 146:6 वह आकाश और पृथ्वी और समुद्र और उनमें जो कुछ है, सब का कर्ता है; और वह अपना वचन सदा के लिये पूरा करता रहेगा।
यह बातें मैंने वचन से ली हैं किसी प्रकार से विवाद करने के लिए नही लिखीं
लेकिन मैं आपको वचन के विरुद्ध जाने से रोकना चाहता हूं ताकि वचन का आज्ञा उल्लंघन करके आप श्रापित न हो जाएं क्योंकि पुराने नियम में परमेश्वर का भवन होता था नए नियम में यीशु के बलिदान देने के द्वारा परमेश्वर आपके ह्रदय में रहने के लिए आ गया। जो कि वचन के द्वारा स्पष्ट प्रमाणित होता है ।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
